क्यों मैंने अपनी शादी को तोड़ देना ही बेहतर समझा
“यदि मैं इस बारे में बात नहीं करूंगी, तो मैं बेवजह वो शर्मिंदगी महसूस करती रहूंगी, जो मेरी है ही नहीं”
मैंने अपने बेस्ट फ्रेंड से शादी की थी, कहने को तो हम 11 सालों से एक-दूसरे को प्यार करते थे, पर बहुत जल्दी ही यह एहसास हो गया की वह प्यार एकतरफा था। हमारी शादी सालभर भी नहीं टिकी। मैंने उसे मुझसे धोखा करते पकड़ा, वह भी एक नहीं बल्कि कई औरतों के साथ।
आज अगर मेरे पास उसकी बेवफ़ाई का सबूत न होता, तो कोई भी इस बात पर भरोसा नहीं करता कि वो ऐसा कर सकता है, क्योंकि उसका व्यक्तित्व बहुत आकर्षक है और साथ ही वह एक काबिल डॉक्टर भी है।
पहली बार जब मैंने उसे किसी दूसरी महिला के साथ सोते हुए पकड़ा, तो यकीन मानिए, मैंने उसे माफ़ कर दिया था। लोगों के बार-बार यह समझाने पर भी, कि मुझे उसे छोड़ देना चाहिए, मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि कोई भी मेरी शादी को लेकर मॉरल पुलिसिंग करें। मेरा मानना था कि बेवफ़ाई किस परिस्थिति में की गई, यह समझना बहुत ज़रूरी है और यदि कोई अपनी ग़लती मान कर उसे सुधारना चाहे तो उसे एक मौक़ा तो मिलना ही चाहिए। और मैंने यही किया।
पर महीनेभर बाद ही, मुझे पता चला कि वो एक दोहरी ज़िंदगी जी रहा है, जिसे मुझसे छुपाने की उसने भरसक कोशिश भी की। ना तो उसकी नज़रों में मेरी कोई इज्ज़त थी और न ही उसे मेरी कभी कोई क़द्र थी। शुरुआत से ही, उसने हमारे रिश्ते का मान नहीं रखा। तब मैंने तय कर लिया कि अब बहुत हो गया।
मुझ पर कई बार ये आरोप लगाया गया कि मैं अपनी शादी को सफल नहीं बना सकी। लोगों ने मुझसे ये भी कहा कि यदि मैं उसे बेडरूम में ख़ुश रखती तो वो इधर-उधर क्यों जाता?
मेरी एक आंटी ने तो मुझसे यह तक कहा, “मुझे बताओ तुममें कौन सी बात फ़ेमिनिन है? तुम्हारे पास औरतों जैसा कुछ तो होना चाहिए ना, जो किसी पुरुष को लुभा सके।”
पर सच्चाई ये है, इन दिनों शादियां इसलिए नहीं टिकतीं क्योंकि महिलाएं शादी के बाद पतियों की बेवफ़ाई को सहने से इनकार कर देती हैं। हम किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना को सहने के लिए तैयार नहीं हैं।
ये तो बहुत ही बड़ी बातें हैं, आजकल तो हम ऐसी साधारण सी वजहों के लिए भी शादी तोड़ने को तैयार हो जाते हैं जैसे कि इसमें ख़ुशी नहीं मिल रही, बात नहीं सुनी जा रही, सम्मान नहीं दिया जा रहा या आपका पार्टनर शादीशुदा जीवन पर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है।
यहां तक कि सेक्स भी एक बड़ी वजह है। सेक्स जितना पुरुषों के लिए महत्वपूर्ण है, उतना ही हमारे लिए भी है। महिलाओं के भी सेक्स को लेकर कई अरमान होते हैं, भले ही वे दिखावा करें कि ऐसा नहीं होता। मुझे याद है, अपने अफेयर्स की एक वजह मेरे सेक्शुअल व्यवहार को ठहराते हुए मेरे पति ने मुझसे कहा था कि मैं सेक्स के दौरान कभी भी शर्मीली या विनम्र नहीं रही, जिससे उसे बहुत इन्सिक्योरिटी महसूस होने लगी।
मैं कई सालों तक ख़ुद से सिर्फ इसलिए नफ़रत करती रही, क्योंकि मुझे लगा कि जिसे मैं प्यार करती थी, उसके सामने शायद अपनी सेक्स सम्बंधित इच्छाएं जाहिर करना गलत था। पर अब ना तो मैं अपनी इच्छाएं जताने में और ना ही अपनी सेक्शुऐलिटी को लेकर शर्मिंदा महसूस करती हूं।
मेरे सामने यह सवाल नहीं था कि ‘अब मैं कहां जाऊंगी?’ कुछ इसलिए कि मेरे पास एक फ़्लैट था, जिसका किराया मैं अपनी ख़ुद की कमाई से दे सकती थी, और कुछ इसलिए कि मेरे कंज़र्वेटिव पैरेंट्स ने मुझे इस दौरान बहुत सपोर्ट किया।
मेरी शादी इसलिए नहीं चल सकी क्योंकि मैं एक ऐसे रिश्ते को ढोने के लिए बेक़रार नहीं थी जिसमे कभी प्यार ही नहीं था। ना तो मैं बेसहारा थी, ना ही प्रताड़ना बर्दाश्त करने के लिए तैयार और झूठ-मूठ का दिखावा तो मैं बिलकुल ही नहीं कर सकती थी।
मैं एक जीती-जागती औरत हूं, कोई डोरमैट नहीं।
हालांकि मैंने बहुत बुरा समय भी देखा है जब मेरी हर सुबह आंसूओं के साथ शुरू होती थी, पर मैंने ख़ुद को समझाया कि यह दर्द हमेशा नहीं रहने वाला और भले ही इस पल मैं पूरी तरह टूटा हुआ महसूस कर रही हूं, लेकिन यह समय गुज़र जाएगा। अब जिंदगी बहुत बेहतर है, क्योंकि मैं जो चाहूं कर सकती हूं, जैसी चाहूं बन सकती हूं।
मैं लंबे समय से थेरैपी ले रही हूं, जिस दिन मैंने इस शादी को खत्म करने का मन बनाया, उस दिन सबसे पहला फ़ोन मैंने अपनी थेरैपिस्ट को ही किया। थेरैपी के अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं है, यह एक ज़रुरत है, भले ही मेरे पास पैसे कम हों।
मेरे माता-पिता मेरे लिए चैम्पियन हैं, हालांकि मेरी मां ज़रूर यह सोच-सोच कर पागल हो रही हैं कि तब क्या होगा, जब लोगों को इसके बारे में पता चलेगा। पर इस चिंता के लिए भी मैं उनकी बहुत इज्ज़त करती हूं, क्योंकि उनकी इस सोच के पीछे मेरे लिए डर और लगाव छुपा है। वो इसलिए चिंतित हैं कि मुझे एक सिंगल डिवोर्सी जानकर लोगों का नज़रिया मेरे प्रति कैसा होगा, जैसे कुछ लैंडलॉर्ड्स जो मेरे जैसी महिलाओं को घर भी किराए पर नहीं देना चाहते।
पर मैं यह भी जानती हूं कि यदि मैं इस बारे में बात नहीं करूंगी, तो मैं बेवजह वो शर्मिंदगी महसूस करती रहूंगी, जो मेरी है ही नहीं। मैं उस चीज़ के बारे में खराब महसूस करूंगी, जो मैंने की ही नहीं। मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं एक खोखले रिश्ते से बाहर निकल कर, अब फिर से सिंगल हूं।
कुछ दोस्त और परिजन आपको हमेशा सपोर्ट करते हैं। जहां कुछ महिलाएं आपकी सबसे कट्टर आलोचक हो सकती हैं, वहीं कुछ महिलाएं आपके मज़बूती से खड़े रहने का कारण भी होती हैं, ख़ासतौर पर ऐसी महिलाएं, जो ख़ुद के प्रति आश्वस्त हों और स्वतंत्र हों।
मैं शुक्रगुज़ार हूं कि मेरे पास ऐसी दोस्तों की पूरी फ़ौज है, जो मेरे कठिन समय में मेरे साथ खड़ी थीं।
फिर भी, कई बार आपको अकेले रहना पड़ता है, और इसमें कोई बुराई नहीं। मैं ख़ुद को मज़बूत बनाने पर फ़ोकस कर रही हूं, करियर बनाने और अपनी मेन्टल हेल्थ ठीक रखने के लिए मेहनत कर रही हूं, ताकि अगर कभी मेरे दोस्त और परिजन मेरे आसपास न भी रहें या मुझे किसी नई जगह जाकर एक नई शुरुआत करनी पड़े, तो मैं ऐसा भी कर सकूं।
देखिए: कैसे स्ट्रेस को दूर भगाएं और शांत रहें
