हिंदी इरॉटिका की दुनिया सविता भाभी की दुनिया से कहीं अधिक गहरी है
यह सेंशुअल है, सटीक है और इसमें हास्य भी है
“योग से ही होगा।” नहीं, यह वजन घटाने के लिए विन्यास योग की किसी गाइड का टाईटल नहीं, बल्कि ‘लस्ट बर्ड्स विथ रिया’ नामक एक इरॉटिक पॉडकास्ट सीरीज़ के एक एपिसोड का है जो मैंने हाल ही में ढूंढा, और वो भी मेरी जॉब की मदद से। एक सामान्य से मंगलवार पर, ऑफिस में एक वर्क मीटिंग के दौरान, औरतों और सेल्फ-प्लेज़र पर हो रही चर्चा ने हमें सीधे हिंदी इरॉटिका के विषय पर ला खड़ा किया। हमारी उंगलियां माउस पैड पर अपनेआप चलने लगी, बड़ी तेजी से एक एपिसोड से दूसरे एपिसोड पर जाने के लिए तत्पर, इस अज्ञात दुनिया को समझने की कोशिश में आतुर। पांच मिनट में, पूरा ऑफिस रिया की ऑर्गास्म की ओर बढ़ती आंहों और कराहों से गूंजने लगा और कोहराम मच गया।
हालांकि हम सब हंस रहे थे, क्योंकि हिंदी इरॉटिका एक्स्प्लोर करते हुए जिससे हमारा सामना हुआ वह हमारी अपेक्षा से अलग था, लेकिन इसने मेरी जिज्ञासा बढ़ा दी। योग को सेक्स से जोड़ने में कोई कैसे कामयाब हो गया और वह भी एक हिंदी इरॉटिका में दो महिला किरदारों के साथ? यह सुनने में एक पोर्न ऑडियोबुक जैसा था जिसमें खिलवाड़ भरी बातें थीं पर साथ में एक कहानी भी थी, जिसे सुनने में अजीब नहीं लग रहा था। मैंने इस दुनिया का और गहराई में पता लगाने का फैसला किया और यह मेरी उम्मीद से बिलकुल अलग निकला।
हिंदी इरॉटिका इतनी अजीब क्यों लगती है
वीडियो पोर्न में काफी समय तक मेरी कोई दिलचस्पी नहीं थी। इसलिए नहीं कि मुझे इसके बारे में पता नहीं था, बल्कि इसलिए क्योंकि इन एक्स-रेटेड वेबसाइटों में दिखाए जाने वाले विस्तृत ग्राफ़िक सीन मुझे थोड़ा असहज महसूस कराते थे। इसलिए मैंने इनसे काफी लम्बे समय तक दूरी बनाए रखी। तब मुझे इस बात का अहसास नहीं था कि एक महिला के लिए सेक्षुअल प्लेज़र का अनुभव करना किसी मकड़ी के जाल जितना ही जटिल है। न केवल अराउज़ल में अधिक समय लगता है, बल्कि हमें हमारी सभी इन्द्रियों को केंद्रित करना पड़ता है ताकि हम उस धरती हिला देने वाले क्लाइमेक्स तक पहुंच सकें जिसका गुणगान हर कोई करता रहता है। और उस तरह का कंटेंट आमतौर पर महिलाओं की संवेदनशील नज़रों के अनुरूप नहीं बनाया जाता है।
यह इरॉटिक ऑडियो और लिटरेचर था जिसने मेरा परिचय कॉन्सेंशुअल डिज़ायर और सेल्फ-प्लेज़र से कराया। इनकी मदद से मैंने अपनी स्पीड पर, बिना सेंसरी ओवरलोड के, अपनी कल्पना को उड़ान भरने में सक्षम बनाया। अपनी धारणाओं और समान सोच रखने वाले लोगों के साथ के कारण, मैंने हमेशा इन कहानियों को अंग्रेजी में पढ़ा और हिंदी इरॉटिका के बारे में तो मैंने कभी सोचा भी नहीं था। 2017 में पोर्नहब द्वारा जारी एक स्टडी ने ‘इंडियन भाभी’ और ‘इंडियन आंटी’ जैसे शब्दों को इंटरनेट पर सबसे अधिक खोजे गए शब्दों की लिस्ट में डाला था। वैसे तो सबकी अपनी-अपनी पसंद होती है, लेकिन इसे अपने दिमाग से निकाल पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। इसे सोशल कंडीशनिंग कह सकते हैं, लेकिन आंटियों और भाभियों के संदर्भ में लोगों के हिंदी पोर्न देखने के विचार ने मुझे असहज और असुरक्षित महसूस कराया। सेल्फ-प्लेज़र के लिए इन्हें एक साधन बनाना मेरी नज़रों में बहुत अश्लील था।
ऊपर से, हिंदी इरॉटिका का विचार ना चाहते हुए भी, मुझे हमेशा अपने पड़ौसी के बेडरूम में तांक-झांक करने के लिए आतुर करवाता और मुझ में एक घिनौना सा भाव पैदा कर देता। लखनऊ की क्लिनिकल साइकोलोजिस्ट और रिलेशनशिप थेरेपिस्ट प्राची एस वैश बताती हैं कि ऐसा सेक्स के बारे में हमारी अंतर्निहित कंडीशनिंग के कारण होता है। वैश कहती हैं, “यही कारण है कि हमारे पास इंडियन बॉडीज़ के मेन्टल ब्लूप्रिंट नहीं है। अंग्रेजी फिल्मों में हमेशा से सेक्स सीन होते थे और उफनते हॉर्मोन्स वाले हर टीनेजर का पहला सेक्षुअल एक्सपोज़र कॉकेशिएन बॉडीज़ के साथ ही होता था। इसलिए उनके सेक्षुअल एक्ट में शामिल होने और उनके माध्यम से उत्तेजित हुई हमारी भावनाएं हमें असहज महसूस नहीं कराती। जबकि भारतीय शरीर हमेशा ढकने और छिपाने के लिए बने होते हैं, इसलिए जब हम इन्हें स्क्रीन पर देखते हैं, तो हम अपने आप असहज और शर्मिंदगी महसूस करने लगते हैं।
हिंदी इरॉटिका की दुनिया में पहला कदम
इन पर्सनल झुकावों के कारण, मुझे कभी यह नहीं सूझा कि हिंदी इरॉटिक पॉडकास्ट की भी एक पूरी दुनिया हो सकती है। और अगर आपको लगता है कि इंग्लिश इरॉटिका एकदम सटीक होते हैं, तो यकीन मानिए हिंदी भी कम नहीं है। 12-15 मिनट के छोटे एपिसोडो के साथ भी, हिंदी शो बड़े अच्छे से कॉन्टेक्स्ट समझाते हैं, पात्रों का परिचय देते हैं और बड़ी सहजता के साथ तापमान को गर्म बनाते हैं। पहले कुछ एपिसोड सुनते समय थोड़ा अजीब लगा, ऐसा लगा जैसे मैं कोई प्राइवेट टेप सुन रही हूं। वास्तव में, जब मैंने सबसे पहला एपिसोड सुना तब मैं टैक्सी में ट्रेवल कर रही थी और ट्रैफिक में फंसी हुई थी। और मैं बार-बार अपने एयरपॉड का कनेक्शन चेक कर रही थी, मुझे इस बात का डर था कि कहीं गलती से कैब ड्राइवर ऑडियो पोर्न सुनकर घबरा ना जाए। लेकिन साथ ही छुपछुप कर इरॉटिक पॉडकास्ट सुनने का रोमांच ही कुछ और था, जब आपके आस-पास की दुनिया, आपके कानों में मीठी फुसफुसाहटों से पूरी तरह से अनजान, अपने ही धुन में चली जा रही थी।
अगले कुछ दिनों में, मैंने अन्य पॉडकास्ट ढूंढना शुरू किया। कुछ में जेनिटल्स का नाम लेने के बजाय उनके लिए ऐसे मधुर शब्दों का उपयोग किया गया, जो मिल्स एंड बून्स को हिंदी में सुनने जैसा महसूस हुआ, तो दूसरों में इतने कटु स्लैंग शब्दों का उपयोग किया गया, जो मेरे रूचि के लिए थोड़ा अधिक था। कुछ कहानियों ने मुझे हंसा-हंसा कर पागल कर दिया और कुछ ने मुझे इतना उत्सुक कर दिया कि मैं उनके साथ उनका अंत जानने के लिए जुड़ी रहने पर मजबूर हो गई। एक मुख्य अंतर जो मैंने देखा वह यह था कि इंग्लिश ऑडियो इरॉटिका में अक्सर सीन के पीछे कोई कॉन्टेक्स्ट नहीं होता। यह सीधे एक्ट पर ले जाते हैं और इसमें कोई संदेह नहीं की ये बहुत विस्तार से वर्णन करते हैं। लेकिन मुझे धीरे-धीरे कहानी का बनना और उसे अनुभव करना पसंद है। बिना कॉन्टेक्स्ट के इरॉटिका ऐसा लगता है जैसे आप इंटरवल के बाद गदर 2 देख रहे हों और आपको पता ही नहीं है कि पहले वाली गदर फिल्म में क्या हुआ था।
मैंने एक नई दुनिया का ताला खोल दिया था जिसमें सब कुछ अजीब तो था लेकिन मेरी ज़रूरतों के अनुसार लग रहा था। जिज्ञासा? चैक। हास्य? चैक। दिन के अंत में रिलैक्स होने के लिए एक आसान साधन? चैक। हिंदी इरॉटिका के बारे में मेरी आशंकाएं दूर हो गईं और मैंने इन कहानियों की धीमी रफ़्तार और विविधता का आनंद लिया। इंग्लिश भले ही मेरी पहली पसंद है, लेकिन जब भी मुझे थोड़े बदलाव की इच्छा होगी तो मैं जब चाहे इन लस्ट स्टोरीज़ का रुख कर सकती हूं।
कुछ हिंदी इरॉटिका जिन्हें आप एक्सप्लोर कर सकते हैं
इस खोज के दौरान मुझे इरॉटिक हिंदी पॉडकास्ट का खजाना मिला, और इनके लिए मेरी कुछ सलाह हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ये पॉडकास्ट आपको आपके कमरे की प्राइवेसी तक सीमित नहीं रखते हैं, आप मेंटल प्लेज़र या खुल कर हंसने के इरादे से इन्हें चलते-फिरते भी सुन सकते हैं।
युवा लड़के-लड़कियों का मेल इस Gaana.com पॉडकास्ट का केंद्र हैं। शो में 12-13 मिनट के 15 एपिसोड हैं जो रिया की कहानी बताते हैं, एक हाउस वाइफ जिसकी यौन इच्छाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। प्रत्येक एपिसोड में, रिया की मुलाकात उसकी बिल्डिंग में, अलग-अलग जगहों पर, अलग-अलग व्यक्तियों के साथ होती है जो उन्हें सीधे बेडरूम तक पहुंचा देती है। उसका सेंशुअल डिस्क्रिप्शन एकदम साउंड इफेक्ट्स के साथ होता है जिसमें किसी भी चीज़ की अति नहीं लगती। कहानी का मुख्य फोकस फोरप्ले पर रहता है और इसमें शालीन शब्दों का उपयोग किया गया है, इसलिए इस शैली से परिचय करने के लिए यह शो एकदम उपयुक्त है।
किसने कहा कि इरॉटिका रोमांटिक नहीं हो सकती? छू कर मेरे तन को, एक युवा लड़की वैशाली के बारे में 30-एपिसोड की एक सीरीज़ है, जो लेखक बनने की इच्छा रखती है और अपने पसंदीदा लेखक, आदित्य राज के साथ इंटर्नशिप सुनिश्चित करने की उम्मीद कर रही है। एक लिटरेचर फेस्टिवल में उसकी मुलाकात आदित्य से होती है और उसकी सारी कल्पनाएं, करियर सम्बंधित और दूसरी भी, अचानक उसकी आंखों के सामने नाचने लगती हैं। क्या वह अपनी इच्छाएं पूरी कर पायेगी? यह जानने के लिए आपको यह पॉडकास्ट सुनना होगा।
एक महिला की आवाज में यह पॉडकास्ट ऐसा सुनाई देता है जैसे आप कोई अश्लील ऑडियोबुक सुन रहे हों – इसमें ड्रामा, रोमांस और सेक्स है। हालांकि यह सेक्षुअल एक्ट का विस्तार से वर्णन नहीं करता है, लेकिन यह आपको उत्तेजित करने और आपमें चाह पैदा करने में कामयाब हो जाता है। आप इसे Mirchi Plus या Gaana.com पर स्ट्रीम कर सकते हैं।
यदि बोल्ड, रॉ और रफ प्लेज़र आपकी पसंद है, तो Spotify और Audible India पर उपलब्ध पर्सनल एक्सपीरियंसेस, आपके लिए एकदम परफेक्ट चॉइस हो सकता है। 4 से 13 मिनट लंबे, करीब 20 से अधिक अलग-अलग एपिसोड के साथ, यह सीरीज़ रेग्युलर पॉडकास्ट स्टाइल में नहीं सुनाई गई है, बल्कि एक रिकॉर्ड की गई कन्वर्सेशन को सुनने जैसी लगती है।
यह सीरीज़ शालीन, मधुरभाषी शब्दों के बजाय जेनिटल्स और सेक्षुअल एक्ट के लिए सीधे स्लैंग शब्दों का उपयोग करती है। आप चाहे तो पहले एपिसोड से शुरु कर सकते हैं या अपनी रूचि की अनुसार कोई भी कहानी चुन सकते हैं।
यदि आपको किरदारों में उम्र का फर्क दर्शाती कहानियां पसंद है, तो मेरे फ्रेंड की हॉट मॉम आपकी हर उम्मीद पर खरी उतरेगी। करण अपने दोस्त अनुराग के जन्मदिन पर उसके घर जाता है और उसकी मां इशिका से मिलता है। दोनों के बीच तुरंत आकर्षण पैदा हो जाता है और माहौल गर्माने लगता है और 25 मिनट के एपिसोड के अंत में उनका रोमांस चरम पर पहुंच जाता है।
एक पुरुष की आवाज में, यह एक स्टैंड-अलोन इरॉटिक स्टोरी है। कहानी बढ़ने के साथ-साथ, बैकग्राउंड में चल रहा धीमा मधुर संगीत, उसके गर्माते माहौल को और अधिक सराहता है। यह पॉडकास्ट शुद्ध हिंदी में है जिसे सुनने की हमें आमतौर पर आदत नहीं होती, इसलिए थोड़ा समय लगता है लेकिन फिर भी यह मूड बनाने में कामयाब होता है। आप इसे Gaana.com पर स्ट्रीम कर सकते हैं।
आई लाइक इट क्रेज़ी अपने बैकग्राउंड स्कोर और रेडियो जॉकी जैसी फुसफुसाती आवाज़ वाले किरदारों के कारण बिल्कुल किसी लेट नाईट रेडियो शो की तरह लगता है। यह शो दूसरों से कहीं ज्यादा उत्तेजक है। 10 स्टैंड-अलोन एपिसोड की यह सीरीज़, विभिन्न लोगों के एकदम आम और रोजमर्रा की परिस्थितियों में उत्पन्न हुए, कामुक संबंधों को एक्स्प्लोर करती है। यह हिंग्लिश में है, और इसकी भाषा काफी सरल है। सेक्षुअल एक्ट बहुत विस्तृत नहीं हैं, लेकिन उन तक पहुंचने के सफर का वर्णन अच्छी तरह से किया गया है। यह पॉडकास्ट एक सेंशुअल माहौल बनाता है और आपके लिए फोरप्ले का एक आदर्श साधन हो सकता है। आप इसे Gaana.com पर स्ट्रीम कर सकते हैं।
