तैलीय त्वचा के लिए 3 प्रकार के उपयुक्त DIY फेस मास्क
हम पूरी तरह तेल में तर हैं
अगर आपने कभी अति उत्साहित होकर डेनिश बटर कुकीज़ के डिब्बे का ढक्कन खोला हो, और उसे विभिन्न प्रकार के बटनों और सुइयों से भरा हुआ पाया हो- तो आप अवश्य ही भारतीयों की, ‘DIY – स्वयं सब करने की’ प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ़ होंगे। यही कारण है कि जब त्वचा और बालों की देखभाल का प्रश्न होता है, तो कभी-कभी दादी मां के रसोईघर में उपलब्ध मसालों के मिश्रण से बने घरेलू नुस्खे, उन डिब्बों में भरी फालतू ब्रैंडेड चीजों से अधिक प्रभाव कारी होते हैं जिनमें हम व्यर्थ पैसा फूँकते हैं।
क्या आप टोनर को हल्दी से बदलने के लिए तैयार हैं? पहला कदम: अपनी त्वचा के प्रकार को जानिए। यदि आपका चेहरा राजू के शेज़वान नूडल्स से भी ज़्यादा चिकना है, आपके टी ज़ोन (पूरे माथे से लेकर नाक और ठोड़ी तक का हिस्सा) में बड़े-बड़े छिद्र हैं, ब्लैकहेड्स और मुँहासे फटाफट निकल जाते हैं और मेकअप आपके चेहरे से फिसलता हुआ महसूस होता हैं, तो आप यकीनन तैलीय त्वचा से ग्रस्त हैं। बस यह कृपा मानिये कि अत्यधिक प्राकृतिक नमी का मतलब है, तैलीय त्वचा पर कम झुर्रियाँ। दूसरा कदम: इस तेल-उत्सव से निपटने के लिए, हमारे पसंदीदा, ख़ुद बनाए जा सकने वाले फेस-मास्क बनाने के लिए अपने मसाल-दान पर धावा बोल दीजिए।
रूखी त्वचा वाले दोस्तों, हमने आपको कवर किया है – और जिन्हें मिश्रित त्वचा द्वारा टैग किया गया है, हमारे पास आपके लिए भी एक समाधान है। कौन कहता है कि आपको एक सुखदायक फेशियल के लिए ‘स्पा’ जाने की जरूरत है?
टमाटर और अनार

टमाटर एक प्राकृतिक अस्ट्रिन्जन्ट है जो तैलीय त्वचा की रंगत को एकसार करने, छिद्रों को साफ़ करने, मुंहासों के निशानों को हल्का करने और स्वस्थ, चमकदार त्वचा को बनाए रखने में मदद करता है। यह वसामय ग्रंथियों द्वारा अतिरिक्त तेल के उत्पादन का मुकाबला करने में मदद करता है, और यदि एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर अनार के दानों के साथ मिलाया जाए तो एक डायनामाइट कॉम्बिनेशन बनता है जो सूरज से हुई क्षति को पूरी तरह खत्म करने में सहायक है।
सामग्री:
1 पका हुआ टमाटर
2 टी स्पून अनार के दाने
विधि: अनार के दानों को जितना संभव हो सके, उतना महीन पीस के पेस्ट बना लें। दो चम्मच अनार के पेस्ट को एक पके हुए टमाटर के रस में मिलाएं। यदि मिश्रण बहुत पतला हो, तो इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाने के लिए एक कॉटन बॉल या ब्रश का उपयोग करें। इसे 10-15 मिनट के लिए त्वचा पर लगे रहने दें और फिर सामान्य पानी से धो लें।
अंडे का सफेद भाग, ओट्स और शहद

अगर अपने चेहरे पर अंडे की सफेदी लगाने के विचार मात्र से आपको उबकाई आने लगे, तो अपने आप को याद दिलाएं कि अंडे की सफेदी आपके छिद्रों को साफ करने और टोनिंग में मदद करती है। दूसरी ओर, ओट्स, आपकी तैलीय त्वचा को धीरे से एक्सफोलिएट करते हैं जिससे आपकी त्वचा के छिद्रों में भरी गंदगी साफ़ होती है। इसमें भी सूजन कम करने के गुण होते हैं, बिलकुल शहद की तरह जो त्वचा को आराम पहुंचाने, पोषण करने और बैक्टीरिया को मारने की क्षमता के लिए जाना जाता है। इन तीनों की तिकड़ी साथ मिलकर तैलीय त्वचा से छुटकारा दिलाने में पूर्णतया सक्षम है।
सामग्री:
1 टेबल स्पून ओट्स
1 अंडे का सफेद भाग
½ – 1 टेबल स्पून शहद (चेहरे के आकार के अनुसार)
विधि: अपने शहद और अंडे के सफेद भाग को तब तक मिलाएं जब तक यह एक झागदार मिश्रण में परिवर्तित हो जाए। यदि आप अनाज के लाभ तो चाहते हैं पर एक्सफोलिएशन नहीं, तो आप ओट्स को जितना महीन हो सके उतना पीस लें या उन्हें गर्म पानी में भिगो कर मुलायम होने दें। मिश्रण को चेहरे पर लगा कर 10 से 15 मिनट रखें और फिर पानी से धो लें।
हल्दी, नीम और ग्रीन टी

इन्फेक्शन ? हल्दी लगा लो। ढलती त्वचा? हल्दी लगा लो। लैंडलॉर्ड सम्बन्धी परेशानियाँ? हल्दी लगा लो। हल्दी एक ऐसा उपहार है जिसे दक्षिण एशिया ने दुनिया को दिया है और यह हर चीज़ में काम आती है। स्किनकेयर भी इससे बचा नहीं है। खासतौर पर तैलीय त्वचा। हल्दी की तरह, नीम भी सूजन कम करता है और एंटी-बैक्टीरियल है – यह त्वचा की लालिमा को कम करता है, एक्जिमा को शांत करता है और मुँहासे को फैलने से रोकने के लिए एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है। एक अविश्वसनीय एंटीऑक्सिडेंट, ग्रीन टी असमय उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करती है, त्वचा को सूरज की क्षति से बचाती है और त्वचा की रंगत में सुधार लाती है।
सामग्री:
½ टी स्पून हल्दी
1 टेबल स्पून नीम पाउडर या नीम की पत्तियों का पेस्ट
1 टेबल स्पून पिसी हुई ग्रीन टी
विधि: इस नुस्खे में, तरल पिसी हुई ठंडी ग्रीन टी का उपयोग करें जो अन्य दो इंग्रीडिएंट्स को एक पेस्ट में बांधने का काम करेगी। आप या तो ताजा नीम के पत्तों या नीम के पाउडर के साथ-साथ ½ टी स्पून हल्दी का पेस्ट बना सकते हैं। सावधान रहें, हल्दी दाग के लिए मशहूर है। अपने चेहरे और गर्दन पर समान रूप से फैलाएं और 15 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो लें।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- सदैव साफ, धुले चेहरे से शुरुआत करें।
- सिर्फ इसलिए की उत्पाद प्राकृतिक है, यह जरुरी नहीं की वह आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त ही होगा। पहले अपनी कलाई के अंदर की तरफ, एक छोटे हिस्से में इसे लगाकर परीक्षण करें कि आपकी त्वचा पर इसकी क्या प्रतिक्रिया होती है, किसी तरह की परेशानी या जलन अनुभव करने पर इसे तुरंत धो डालें।
- हम किसी भी फेस-मास्क को सप्ताह में अधिकतम 3 बार और 15 मिनट की अवधि से ज्यादा न लगाने की सलाह देते हैं। हर बार ताज़ी और एक ही बार लगाने योग्य सामग्री का उपयोग करें, क्योंकि बिना प्रेज़रवेटिव के प्राकृतिक फेस-मास्क जल्दी ही खराब हो सकते है।
- फेस-मास्क को लगाते समय इसे आंखों के निचले हिस्से तथा ऐसे हिस्सों पर न लगाएं जहां की त्वचा ‘डर्मेटाइटिस’, ‘एग्जिमा’ अथवा खुले घाव के कारण अत्यधिक संवेदनशील और जलन महसूस करने वाली हो।
- मास्क लगाने के बाद सदैव मॉइस्चराइज़र का प्रयोग करें।
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