‘जीरो-वेस्ट’ जन्मदिन उत्सव का आयोजन कैसे करें
अपने ग्रह के कप्तान स्वयं बनें
स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर, अभी-अभी कुछ उग्रवादी मम्मियों ने, अपने बच्चों के जन्मदिन उत्सव पर ‘क्या करें’ और ‘क्या नहीं’ जैसी कुछ बातों के बारे में एक फ़रमान जारी किया है। उनके अनुसार संसाधित चीनी, डिब्बाबंद खाना, और केवल एक ही बार प्रयोग में लाई जा सकने वाली प्लास्टिक और थर्माकोल से की गई सजावट को, बिल्कुल ही बंद कर देना चाहिए। लेकिन क्या आप अपने 4 साल के बच्चे की नजर में, दुनिया के सबसे बुरे माता-पिता बने बिना, उसे यह समझा सकते हैं कि उसका जन्मदिन उत्सव गुब्बारों और ‘फ्रॉस्ट फ्री’ केक के बिना भी मनाया जा सकता है? शायद नहीं!
तो आख़िर आप अपने बच्चे के आगे हथियार डाल देते हो और एकछोटा भीम – थीम पर आधारित जन्मदिन उत्सव का आयोजन कर, अपमानित महसूस कर रही उन 30 औरतों का प्रकोप सहते हो।
वातावरण के प्रति सजग रहते हुए, यह असंभव है कि आप “दुनिया के सबसे अच्छे माता या पिता” का तमगा पा सकें। अपने बच्चे द्वारा चीख-चीख कर, “मैं आपसे नफरत करता हूं,” यह सुने बिना, आप रिटर्न-गिफ्ट्स और सजावट में की जाने वाली फिजूलखर्ची से बच नहीं सकते। कम-से-कम, हम तब तक ऐसा ही सोचते थे, जब तक कि हम ‘ग्रीन उत्सव’ नाम की बेंगलूर स्थित संस्था के संपर्क में नहीं आए थे, जिसे रिशिता शर्मा चलाती हैं, और जो ‘जीरो-वेस्ट’ उत्सवों का आयोजन करती है। उनके अनुसार, “जीरो-वेस्ट उत्सवों का आयोजन करना, बदलाव की दिशा में एक छोटा ही सही, पर महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य बात यह है कि ऐसी वस्तुओं का उपयोग कम से कम किया जाए, जिन्हें हम केवल एक ही बार काम में ले सकते हैं।” 3 साल की अल्पावधि में ही ‘ग्रीन- उत्सव’ संस्था, बच्चों के जन्मदिन से लेकर कारपोरेट स्तर तक के, 150 से अधिक उत्सवों का आयोजन कर चुकी है। उनकी थोड़ी सी सहायता द्वारा, इस तरह से आप भी एक पर्यावरण के अनुकूल उत्सव का आयोजन कर सकते हैं।
मज़ेदार, जीरो-वेस्ट जन्मदिन उत्सव के आईडिया
निमन्त्रण
अपने अतिथियों को ई-मेल पर निमंत्रण भेजने और पहले से ही उनका आगमन सुनिश्चित कर लेने से, आप पार्टी में बचने वाली पाव-भाजी को अगले हफ्ते खाने से बच सकते हैं। साथ ही, आप चाहे तो एक ऑनलाइन गिफ्ट रजिस्ट्री भी तय कर दें, तो आप हर अवसर पर मिल जाने वाले फ़ोटो-फ्रेम, कॉफी मग या ओडोनिल की तरह महकने वाली मोमबत्तियां को जमा करने से बच जाएंगे। अपने निमंत्रण-पत्र को खुद बनाने के लिए आप कैनवा (Canva), ईवाइट (Evite), पेपर लेस पोस्ट (Paperless Post), स्माइल-बॉक्स (Smilebox), और सिंपलीटूइंप्रेस (Simplytoimpress) जैसे एप्स की मदद भी ले सकते हैं। शर्मा कहती हैं कि, “नए उपहार खरीदने के बदले हम अपने ग्राहकों को अपने ख़ुद के उपयोग में लिए हुए बोर्ड गेम्स और किताबें लाने को प्रोत्साहित करते हैं।”
उपहारों की सजावट

गिफ्ट पेपर खोल कर, उपहार निकालने में मिलने वाले आनंद की तो कोई तुलना ही नहीं है, लेकिन अगर हमें इसे फाड़कर फेंकना ही है, तो क्यों न इसका कुछ और बेहतर विकल्प ढूँढा जाए? निकट के स्टेशनरी की दुकान से लिए हुए चमकदार गिफ्ट पेपर्स के बजाय, कपड़े से बने हुए थैले और अखबार कम नुक्सानदेह हैं। शर्मा का सुझाव हैं, “अगर आप उस कपड़े के बैग या अखबार पर कुछ चित्रकारी भी कर दें तो उसमें एक व्यक्तिगत भाव आ जाता है।”
सजावट
पेटा (PETA) द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, “जीव- जंतु अक्सर गुब्बारे के टुकड़ों को कोई खाने की वस्तु समझ कर निगल लेते हैं और इस प्रकार उनका दम घुट जाता है। बहुत से डॉल्फिंस, व्हेल्स और समुद्री कछुए हर वर्ष ‘जेलीफिश’ (उनके नियमित भोजन) की तरह दिखने वाले गुब्बारों को निगल लेने के कारण मर जाते हैं। यहां तक कि जमीन पर चरने वाले जानवर भी, दुर्घटना-वश, गुब्बारे के टुकड़ों को निगल लेते हैं।” अगर यह जानकारी भी आपको गुब्बारों की सजावट से दूर रहने के लिये प्रेरित नहीं कर सकती, तो फिर भला और कौन कर सकता है? थर्मोकॉल और प्लास्टिक की बजाय कपड़ों से की गई सजावट को चुनें। शर्मा के अनुसार, “अगर आप समझ नहीं पा रहे हों कि शुरुआत कहां से की जाए, तो किराए पर मिलने वाली सजावटी वस्तुएं भी काम में ले सकते हैं।”
भोजन

भारतीय मेहमान-नवाज़ी की एक सामान्य अवधारणा है, कि यदि 20 लोगों का भोजन हो तो 30 लोगों की व्यवस्था करवाई जाती है। वैसे तो घर पर ही खाना बना कर, पुनः प्रयोग में लाए जा सकने वाले बर्तनों में उन्हें परोसना, एक आदर्श योजना होती है। लेकिन अगर आपकी पाक-कला अभी जोश न मार रही हो, तो आप कैटरर से खाना बनवा कर, ऐसे डिब्बों में मंगवा सकते हैं जो पुनः प्रयोग में लाए जा सकें, या फिर आप स्वयं अपने बर्तन ले जाकर उनमें ही खाना पैक करवा के ले आएं।
शर्मा का सुझाव है, “प्लास्टिक से बनी बोतलों, कागज़ के कप और प्लास्टिक और स्टायरोफोम से बनी, फेंक देने योग्य वस्तुओं के बजाय, स्टील से बने चमचें और बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए। इसे आप बर्तन-भंडारों से किराए पर या अपने पड़ोसियों और मित्रों से उधार ले सकते हैं। अगर आपके पास पुनः प्रयोग में लाए जाने वाले बर्तनों का विकल्प न हो, तो फिर आपको पत्तों से बने बर्तन, सुपारी से बने बर्तन (areca nut plates) अथवा गन्ने के भूसे से बनी प्लेटें और कटोरियां काम में लेनी चाहियें।”
रिशिता कहती हैं कि, “बड़े आयोजनों में, पानी पीने के लिए, पुनः प्रयोग में लाए जाने वाले गिलास रखने चाहिए। अगर सही लगे तो, आप अपने अतिथियों से यह निवेदन कर सकते हैं, कि वे अपने लिए स्टील के गिलास या बोतल साथ में लेकर आएं।”
कचरे का निष्पादन
रिशिता के इस कथन से हम पूर्णतया सहमत हैं कि, “कचरे को सही तरीके से नष्ट करना, प्रदूषण कम करने में, एक अहम् भूमिका निभाता है। इसलिए बड़े उत्सवों का आयोजन करते समय, अगर खाद बनाने वाले कचरा-पात्र में कुछ निवेष करना भी पड़े, तो यह पर्यावरण-प्रेम को बढ़ाने की दिशा में एक अव्वल कदम साबित होगा। अपने सभी अतिथियों से इस खाद बनाने वाले पात्र में अपना कचरा डालने का आग्रह करें।” शर्मा उत्साहित होकर कहती हैं कि, “अगर आपके घर में एक बगीचा हो, तो आप वहीं एक छोटा सा गड्ढा खुदवा कर, उसमें भी कचरा इकट्ठा कर, खाद में परिवर्तित करने का काम कर सकते हैं।”
बदले में दिए जाने वाले उपहार

अगर आप एक बच्चों के जन्म-उत्सव का आयोजन करने जा रहे हों, तो रिटर्न-गिफ्ट्स प्लास्टिक बैग्स में न दें। शर्मा कहती हैं कि, “रिटर्न गिफ्ट्स देना एक रिवाज-सा बन गया है, इसलिए अधिकतर लोग घर की छोटी-मोटी सजावटी वस्तुएं खरीद लेते हैं जो कि बाद में किसी काम नहीं आती हैं।” अगर छोटे-से गमले में एक पौधा दिया जाए, या फिर से इस्तेमाल की जा सकने वाली कहानी की किताब या, सीड पेंसिल उपहार में दी जाएं, तो ऐसी चीजें बच्चों में पर्यावरण के प्रति सजगता बढ़ाने के साथ-साथ माता-पिता के ग्रुप्स में भी आपको उच्च स्थान प्रदान करवाएंगी।”
देखिए: भारत की सर्वोत्तम जलेबी कौनसी है?

