लक्ज़री या बजट-फ्रेंडली स्किनकेयर: 5 ऐसे सुपरहीरो इंग्रीडिएंट्स, जो दोनों रेंज में उपलब्ध हैं
हैवी प्राइस टैग के बिना भी असरदार हैं – लेकिन सावधानी से उपयोग करें
क्या आप मार्किट में उपलब्ध हर फैंसी दिखने वाले सीरम, मॉइस्चराइज़र, सनस्क्रीन और केमिकल एक्सफोलिएटर को अपनी बाथरूम शेल्फ पर देखने की इच्छा रखती हैं? आप सोचती होंगी, एक-एक करके इन सभी को ट्राई करते रहने से, किसी सुबह आप जेनिफर लोपेज़ जैसी जादुई दमकती स्किन के साथ जागेंगी। अफ़सोस ऐसा बिलकुल नहीं होगा, बल्कि ब्यूटी एसिड्स का ज़रुरत से ज़्यादा उपयोग, शायद आपके चेहरे की सबसे ऊपरी परत को उखाड़ फेंकेगा और बैंक वाले इस चिंता में, कि कहीं आपका कार्ड किसी और ने तो नहीं चुरा लिया, आपको ना जाने कितने फ़ोन कर डालेंगे। ऐसे में, बजट-फ्रेंडली स्किनकेयर की दुनिया में मिलने वाले लक्ज़री रेंज के डुप्लीकेट प्रोडक्ट्स ही आपका एकमात्र सहारा हैं।
इस फलते-फूलते ब्यूटी वर्ल्ड के बारे में एक चीज़ बहुत कमाल की है कि जब भी कोई बड़ी कॉस्मेटिक कंपनी अपने नए प्रोडक्ट या फैंसी कोर इंग्रीडिएंट को मार्किट में प्रमोट करती है, कुछ समय के अंदर-अंदर ही कोई दूसरी छोटी कंपनी उसका सस्ता उपाय खोज निकालती है।
बेशक, डुप्लीकेट के बदले लक्ज़री प्रोडक्ट चुनने के अपने फायदे होते हैं। आप केवल उस कोर इंग्रीडिएंट के लिए ही नहीं, बल्कि उस प्रोडक्ट में मौजूद दूसरे सभी सहायक एलिमेंट्स और इंग्रीडिएंट्स के लिए भी पैसा खर्च कर रहे हैं। अक्सर, ये सप्लिमेंट्स उस एक्टिव कोर इंग्रीडिएंट के प्रभाव को बढ़ाते हैं, जिससे प्रोडक्ट का लुक, फील और एप्लीकेशन ज़्यादा बेहतर बनता है। दूसरी तरफ, उसी कोर इंग्रीडिएंट युक्त सफ़ेद ट्यूब्स और छोटी बोतलें, जो हमारे केमिस्ट वाले भैया के यहां कम दाम में मिलती हैं, वह भले ही लुक या फील में इतनी अच्छी न हों, लेकिन हैवी प्राइस टैग के बिना भी वह उतनी ही असरदार हैं।
क्या ये स्किनकेयर ‘डुप्लिकेट्स’ उतने ही प्रभावी हैं?
“ये प्रोडक्ट्स इतने महंगें क्यों हैं? इसकी वजह है कि ये स्किन पर कैसा महसूस कराते हैं और कैसे फैलते हैं। महंगे प्रोडक्ट्स में, कोर इंग्रीडिएंट के अलावा अन्य कई एलिमेंट्स होते हैं जो उसके इस्तेमाल को बेहतर और आसान बनाते हैं, साथ ही उससे होने वाली जलन को कम करने में सहायक होते हैं,” ऐसा सूरत बेस्ड डर्मेटोलॉजिस्ट, डॉ आंचल पंथ का कहना है। “फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते समय, बहुत सावधानी बरतने की ज़रुरत होती है। अपनी स्किन की सही पहचान होना, इंग्रीडिएंट का कॉन्सेंट्रेशन क्या है, इसका सही इस्तेमाल करना आना और इसकी ज़रूरतानुसार आप अपनी स्किन को पहले से तैयार कर रहे हैं की नहीं – यह सभी जानकारी का होना बहुत महत्वपूर्ण है।”
जैसे, अगर आपकी स्किन बहुत ड्राई है, तो फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट लगाने के बाद आपको अपनी स्किन को मॉइस्चराइज़ करना ज़रूरी होता है। वह कहती हैं, “ऐसी समस्याएं कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के साथ नहीं आती क्योंकि ज़्यादातर सभी हाई-एन्ड कॉस्मेटिक्स, आपकी स्किन को सुरक्षित रखने के लिए, इस तरह से तैयार किए जाते हैं कि उनमें एक्टिव इंग्रीडिएंट को दूसरों के साथ मिला कर बैलेंस किया जाता है।”

कॉस्मोडर्मा स्किन एंड हेयर क्लिनिक्स की फाउंडर, कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट, डॉ चित्रा वी आनंद का कहना है, “ड्रग या फार्मा की केटेगरी में मार्क किए हुए किसी भी प्रोडक्ट को सख्त स्टैंडर्ड्स के अनुसार बनाया जाता है और यह आपकी स्किन में बदलाव ला सकते हैं। यानि कि, यह वास्तव में बहुत प्रभावशाली होते हैं। केमिस्ट शॉप में मिलने वाले ज़्यादातर प्रोडक्ट्स, स्किन पर बैठ जाते है और आपको अच्छा महसूस कराते हैं, लेकिन केवल वे प्रोडक्ट्स जिनमें एक्टिव इंग्रीडिएंट्स होते हैं, आपकी स्किन को रिपेयर या उसमें बदलाव ला सकते हैं।”
इनके प्रभावशाली फैक्टर से पंथ भी पूरी तरह से सहमत हैं, लेकिन वह सचेत करती हैं, “अगर आपकी स्किन बहुत रिएक्टिव है, तो इनका सही तरह से इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है, वरना तकलीफ भी हो सकती है।”
हम आपको ब्यूटी वर्ल्ड के कुछ बहुत महत्वपूर्ण इंग्रीडिएंट्स से वाकिफ कराते हैं और साथ ही उनके लक्ज़री और बजट-फ्रेंडली स्किनकेयर ऑप्शंस को भी आपके सामने रखते हैं। लेकिन स्किनकेयर डुप्लिकेट्स की दुनिया में कदम रखने से पहले और किसी भी तरह के नुक्सान से बचने के लिए, इनके उपयोग से पहले आप इन इंग्रीडिएंट्स के बारें में और पढ़े या अपने डर्मेटोलॉजिस्ट को कंसल्ट करें।
1. नियासिनमाइड (Niacinamide)
नियासिनमाइड (Niacinamide) विटामिन बी3 के दो प्रमुख रूपों में से एक है, यह निकोटिनामाइड (Nicotinamide) के नाम से भी जाना जाता है। यह अपनी टेक्सचर-स्मूथिंग विशेषता के लिए मशहूर है और इसके फायदों पर काफी स्टडी की जा रही है। यह स्किन टोन को एक समान करने, पिगमेंटेशन कम करने, त्वचा में नमी बढ़ाने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार है। यह सीबम प्रोडक्शन को रेग्युलेट करके त्वचा के छिद्रों का दिखना कम करता है, ललाई कम करता है और कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है।

2. ग्लाइकोलिक एसिड (Glycolic Acid)
केमिकल एक्सफोलिएटर के तौर पर, ग्लाइकोलिक एसिड को एक जादुई नुस्खा माना जाता है। एएचए (अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड्स) का एक सबसे महत्वपूर्ण एलिमेंट, जो स्किन की ऊपरी परत पर मौजूद डेड सेल्स को बहुत ही कोमलता के साथ घिस कर, चमकदार और साफ़ स्किन प्रदान करता है। चाहे आप हाई-एन्ड प्रोडक्ट चुने या बजट-फ्रेंडली स्किनकेयर ऑप्शन, इसे सावधानी से इस्तेमाल करें, क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा एक्सफोलिएट करने से त्वचा को नुक्सान पहुंच सकता है।

3. सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid)
सैलिसिलिक एसिड (Salicylic acid) एक प्रकार का बीएचए (बीटा हाइड्रॉक्सी एसिड) है और यह मुहांसों से लड़ने के लिए सबसे अच्छा उपाय है। इसे सीरम की तरह (अगर आपकी स्किन सहन कर सके तो), एक मास्क या एक फेस वॉश (ड्राई या इरिटेटेड स्किन के लिए एक बेहतर चॉइस) की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ऑइल प्रोडक्शन को रोकता है, छिद्रों में जमा होने वाली गंदगी को साफ़ करके स्किन को कोमलता से एक्सफोलिएट करता है।

4. हायल्यूरोनिक एसिड (Hyaluronic acid)
हायल्यूरोनिक एसिड (Hyaluronic acid) एक ऐसा पदार्थ है जो स्किन में नेचुरली बनता है। यह शरीर की नमी सोखने की क्षमता को बनाए रखता है, जिससे स्किन भरीपूरी, सौम्य और स्वस्थ दिखती है – यह ड्राई और डीहाइड्रेटेड स्किन वाले लोगों के लिए परफेक्ट है।
यह झुर्रियों और महीन रेखाओं को भरकर, उन्हें अस्थायी रूप से ख़त्म करता है। बस ध्यान रखें, इसे इस्तेमाल करते समय अपनी स्किन को अच्छे से मॉइस्चराइज़ करें।

5. कैलेंडुला (Calendula)
कैलेंडुला (Calendula) एक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक एजेंट है, जो त्वचा की जलन को शांत करता है। स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में इसका उपयोग स्किन की ललाई, सनबर्न और मुंहांसों की सूजन कम करने के लिए एक राहत पहुंचाने वाले हीलिंग इंग्रीडिएंट के तौर पर किया जाता है। कैलेंडुला एक्सट्रेक्ट (Calendula extract) एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग (अन्य सप्लीमेंट्स के साथ) और मॉइस्चराइज़िंग इंग्रीडिएंट है।

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