10 सरकारी योजनाएं जिनके बारे में हर महिला उद्यमी को पता होना चाहिए
इन्हें नज़रअंदाज करने की भूल ना करें
2024 में, जब मैंगलोर की 44 वर्षीय शैला कामथ ने अपने मसाला मैजिक को अपनी रसोई से बाहर निकालकर दुनिया के सामने लाने का फैसला किया, तो उनके लिए सब कुछ सही जा रहा था, सिवाय इसके कि बैंक लोन के लिए ज़मानत कौन देगा और एक इशारा कि इसकी शुरुआत कहां से करें। वह कहती हैं, “मेरे पास रेसिपी थीं, मुझे पता था कि इनकी बहुत मांग है। लेकिन इसे बिज़नेस में बदलने के लिए मेरे पास सही सपोर्ट नहीं था।”
सुना-सुना सा लग रहा है ना? शैला अकेली ऐसी महिला नहीं हैं जो इस जद्दोजेहद से गुजर रही हैं। MSME यानि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल के अनुसार, भारत में 6.3 करोड़ MSME हैं। लेकिन उनमें से केवल 20.5% महिलाओं के स्वामित्व में हैं। और हालांकि ग्रामीण महिलाएं अपनी शहरी बहनों (22.24% vs 18.42%) की तुलना में इसे थोड़ा बेहतर तरीके से संभाल रही हैं, फिर भी जेंडर का अंतर यहां साफ़ दिखता है।
महत्वांकांक्षाएं बहुत हैं। प्रतिभा? वह भी भरपूर है। लेकिन फंड, नेटवर्क, और बस कोई ऐसा व्यक्ति जो समझा सके कि आखिर लोन मोरेटोरियम क्या बला है? इन्हीं चीज़ों पर आकर हौसला टूटने लगता है।
हालांकि, उम्मीद की एक किरण है: इस प्रयास में, कुछ हद तक, सरकार हमें सपोर्ट करती है। हमारी सरकार के पास योजनाओं की कमी नहीं है, ख़ास तौर पर महिला उद्यमियों के लिए। दिक्कत क्या है? इनमें से ज़्यादातर योजनाओं के बारे में लोगों को खबर ही नहीं होती, और वे सरकारी दफ्तरों में अनगिनत फाइलों के ढेर में दबी धूल खाती रह जाती हैं।
तो, इस विषय पर हमने आपके लिए थोड़ी खोजबीन की।
यहां 10 सरकारी योजनाएं दी गई हैं जो वैध हैं, समझने में आसान हैं और आपके व्यावसायिक सपने को पूरा करने में आपकी मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं

पीएम विश्वकर्मा योजना
किनके लिए उपयुक्त है: पारंपरिक कारीगर (बुनकर, कुम्हार, आदि)।
यह कैसे मदद करती है: आपको एडवांस ट्रेनिंग के लिए प्रतिदिन ₹500, ₹15,000 का टूलकिट वाउचर और 5% ब्याज पर बिना किसी ज़मानत के लोन मिलता है। यह योजना आपको डिजिटल ई-प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ने में भी मदद करती है जहां आप अपने काम की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर सकते हैं ताकि आप ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक अपनी सेवाएं पहुंचा सकें।
आवेदन कहां करें: pmvishwakarma.gov.in
नमो ड्रोन दीदी
किनके लिए उपयुक्त है: सेल्फ-हेल्प ग्रूप (SHG) की ग्रामीण महिलाएं जो कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) द्वारा प्रशिक्षित हैं।
यह कैसे मदद करता है: इस योजना के तहत महिलाओं को कृषि-ड्रोन की मदद से फ़र्टिलाइज़र और कीटनाशकों का छिड़काव करने का प्रशिक्षण मिलता है। सरकार ड्रोन की लागत का 80% (₹8 लाख तक) वहन करती है, और बाकी के लिए आप कम ब्याज दर पर लोन प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण के साथ-साथ, हर SHG को हर साल कम से कम ₹1 लाख की आय हो सकती है, यदि वे अपना ड्रोन स्थानीय किसानों को किराए पर देते हैं।
आवेदन कहां करें: स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या सेल्फ-हेल्प ग्रूप (SHG) फेडरेशंस के माध्यम से।
EmpowHER Biz – सपनो की उड़ान
किनके लिए उपयुक्त है: दिल्ली एनसीआर, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश या गुजरात की 18-35 वर्ष की महिलाएं।
यह कैसे मदद करता है: यह योजना नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच (WEP) द्वारा शुरू की गई है, और इसके तहत आपको रिटेल, डिजिटल टूल्स और बिज़नेस की बारीकियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ उन लोगों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलता है जो वास्तव में इस क्षेत्र में काम कर चुके हैं। और क्या खास बात है? अगर आप टॉप 20 में चुने जाते हैं, तो आपको इनके “अवार्ड टू रिवॉर्ड” (ATR) कार्यक्रम के तहत अपनी खुद की न्यू शॉप फ्रैंचाइज़ी, भारत की सबसे बड़ी 24/7 कन्वीनिएंस स्टोर रिटेल चेन, चलाने का मौका मिलेगा। और यह भी जान लीजिए: वे 100% फ्रैंचाइज़ी फी माफ करते हैं। जी हां, इससे आपके स्टार्टअप की लागत में लाखों की बचत होगी।
आवेदन कहां करें: wep.gov.in
एसबीआई अस्मिता लोन + नारी शक्ति डेबिट कार्ड
किनके लिए उपयुक्त है: इसमें महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसाय शामिल हैं, जिनमें प्रोप्राइटरशिप (स्वामित्व), पार्टनरशिप (साझेदारी) और प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां जिसमें महिलाओं का स्वामित्व 50% से अधिक हो।
यह कैसे मदद करता है: एसबीआई के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए, महिला उद्यमी बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे या बेकार के झंझटों से गुज़रे, एक सरल ऑनलाइन प्रक्रिया की मदद से लोन (₹10 लाख से ₹5 करोड़ तक) के लिए आवेदन कर सकती हैं। चाहे आप मशीनरी खरीद रही हों, अपने ऑफिस का रेनोवेशन कर रही हों, नई डिलीवरी वैन ले रही हों, या आपको बस काम चलाने के लिए वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत हो, यह लोन आपकी मदद के लिए तैयार है। यहां तक कि सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल भी औज़ारों और उपकरणों के लिए इस योजना में शामिल हो सकते हैं। बोनस? आप नारी शक्ति डेबिट कार्ड भी प्राप्त कर सकती हैं, जिसमें कैशबैक, वेलनेस डील्स और लाइफस्टाइल रिवॉर्ड्स शामिल हैं।
आवेदन कहां करें: sbi.co.in या किसी भी SBI ब्रांच में

फर्स्ट-टाइम महिला उद्यमियों के लिए सपोर्ट (बजट 2025 से)
किनके लिए उपयुक्त है: जो महिलाएं पहली बार व्यवसाय शुरू कर रही हैं, खासकर SC/ST समुदायों से।
यह कैसे मदद करता है: इस योजना के तहत आप अपने आईडिया को एक असली बिज़नेस में बदलने के लिए ₹2 करोड़ (जी हां, करोड़) तक के टर्म लोन के लिए आवेदन कर सकती हैं। साथ ही, आपको मार्केटिंग, अकाउंटिंग और अपने व्यवसाय को एक प्रोफेशनल की तरह आगे बढ़ाने के बारे में ऑनलाइन ट्रेनिंग भी मिलती है। इसे अपने स्टार्टअप स्टार्टर पैक की तरह समझें।
आवेदन कहां करें: jansamarth.in के माध्यम से पब्लिक सेक्टर बैंकों के द्वारा
महिला उद्यम निधि योजना
किनके लिए उपयुक्त है: ऐसी महिलाएं जिनका किसी MSME या लघु व्यवसाय (जैसे ब्यूटी पार्लर या टेलरिंग यूनिट) में कम से कम 51% स्वामित्व हो, और जो खासकर ग्रामीण या कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों से हों।
यह कैसे मदद करता है: ज़मानत? इसकी ज़रूरत नहीं है। यह योजना आपको आकर्षक रियायती ब्याज दरों पर ₹10 लाख तक के लोन और उसे चुकाने के लिए 10 साल की उदार अवधि प्रदान करती है। और हां, इसमें पांच साल की मोहलत भी है, ताकि आप ईएमआई शुरू होने से पहले अपने व्यवसाय को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। चाहे आप बिल्कुल नए सिरे से शुरुआत कर रहे हों या विस्तार कर रहे हों, यह आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा और समर्थन प्रदान करती है।
आवेदन कहां करें: भाग लेने वाले बैंकों या वित्तीय संस्थानों के माध्यम से
स्टैंड-अप इंडिया (2025 संस्करण)
किनके लिए उपयुक्त है: 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं जो ग्रीनफील्ड व्यवसाय (कोई भी व्यवसाय जो जीरो से शुरू हो) शुरू करने के लिए तैयार हैं, और उसमें उनका कम से कम 51% स्वामित्व और नियंत्रण हो।
यह कैसे मदद करता है: शुरुआत करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक के बिज़नेस लोन पाएं। आपको ट्रेनिंग, रजिस्ट्रेशन और बैंकों से जुड़ने जैसे ज़रूरी कामों में भी मदद मिलेगी। उद्यम रजिस्ट्रेशन आवश्यक है, और मेंटरशिप भी उपलब्ध है (हालांकि यह आपके बैंक या क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग हो सकती है)।
आवेदन कहां करें: standupmitra.in या किसी भी पार्टनर बैंक में
क्रेडिट गारंटी योजना (MSME के लिए)
किनके लिए उपयुक्त है: ऐसे MSME या लघु व्यवसाय जो उद्यम पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों, और महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को तो यह ज्यादा प्रोत्साहित करते हैं।
यह कैसे मदद करता है: यह एक सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है जो विभिन्न ऋणदाताओं के माध्यम से लोन और गारंटी प्रदान करती है, जिसमें ₹5 करोड़ तक का लोन बिना किसी सहायक/कोलैटरल के उपलब्ध हैं। यह फर्स्ट-टाइम महिला उद्यमियों के लिए एक बूस्टर पैक है, जिन्हें अक्सर शुरुआत में बैंकों से लोन मिलने में कठिनाई होती है। इसमें गारंटी फीस में काफी रियायत है और खासकर महिलाओं द्वारा संचालित व्यवसायों को तो बहुत आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है।
आवेदन कहां करें: उद्यम रजिस्ट्रेशन के बाद पार्टनर बैंकों के माध्यम से।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
किनके लिए उपयुक्त है: 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति जिसका अपना बिज़नेस शुरू करने का कोई सपना हो और एक अच्छा आईडिया हो। यहां केवल ग्रीनफील्ड उद्यमों को ही अनुमति है, और महिलाओं को “स्पेशल केटेगरी” (पहली बार, सुनने में अच्छा लग रहा है) में रखा गया है जहां उन्हें अतिरिक्त सब्सिडी लाभ मिलते हैं।
यह कैसे मदद करता है: यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम है। इसके डिज़ाइन की मदद से आप अपना माइक्रो-मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस बिज़नेस बिलकुल शून्य से शुरू कर सकते हैं। आपको अपने प्रोजेक्ट की कुल लागत पर 15% से 35% तक सब्सिडी मिलती है, स्पेशल केटेगरी में आने वाली महिलाओं को तो और भी ज्यादा (35%) सब्सिडी मिलती है। लेकिन इस स्कीम के तहत एक बात पर कोई रियायत नहीं है, यहां पैसा आपके खाते में आने से पहले, आपको 6 से 10 दिनों के एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लेना अनिवार्य है। क्योंकि कोई भी व्यवसाय को शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए उसकी सही समझ होना बेहद जरूरी है।
आवेदन कहां करें: kviconline.gov.in, फिर अपना प्रोजेक्ट स्थानीय KVIC/KVIB/DIC कार्यालय में जमा करें

रिप्रेज़ेंटेटिव इमेज: पेक्सेल्स.कॉम
MSME मार्केट और इनोवेशन अस्सिटेंस
किनके लिए उपयुक्त है: कोई भी महिला नेतृत्व वाली माइक्रो या छोटी एंटरप्राइज़ जो उद्यम पर रजिस्टर्ड हो।
यह कैसे मदद करता है: यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि कई योजनाएं हैं जो आपके और आपके ब्रांड का ध्यान रखने के लिए तैयार की गई हैं। इनके तहत आपको व्यापार मेलों में स्टॉल किराए पर 100% प्रतिपूर्ति (अब पिच के लिए भुगतान नहीं करना होगा) मिलेगी, डिजिटल मार्केटिंग और एक्सपोर्ट में मुफ़्त प्रशिक्षण मिलेगा, पैकेजिंग, बारकोडिंग, ब्रांडिंग और यहां तक कि अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेचने में मदद मिलेगी, और इसमें आइडिया इनक्यूबेशन या प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए ₹15 लाख तक का अनुदान मिल सकता है।
आवेदन कहां करें: msme.gov.in, my.msme.gov.in, या NSIC ऑफिस और इनक्यूबेटर पार्टनर के माध्यम से।
सबसे महत्वपूर्ण बात
ये सिर्फ़ सरकारी योजनाएं नहीं हैं, असल में ये वो औज़ार हैं जिनका इस्तेमाल महिलाएं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पहले से ही करती आ रही है। और हर किस्म के उद्यमी के लिए यहां कुछ न कुछ ज़रूर है। शैला से पूछिए। वह अब स्टैंड-अप इंडिया स्कीम से मिले लोन और खुद के द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं की बढ़ती टीम की मदद से मैंगलोर के नामी स्टोर्स को सामान सप्लाई कर रही हैं। वह कहती हैं, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे जैसे किसी व्यक्ति के लिए एक सरकारी योजना वाकई कारगर होगी। लेकिन एक बार जब मुझे इसके स्टेप्स समझ में आ गए, तो सब कुछ सही बैठने लगा। अब मैं सिर्फ़ कमा नहीं रही, बल्कि लोगों को रोज़गार भी दे रही हूं।”
और केवल शैला जैसी महिलाएं ही नहीं, देश भर में, अन्य कई लोग भी शांतिपूर्वक, पूरे आत्मविश्वास के साथ ऐसा ही कर रहे हैं। असम के बारपेटा ज़िले की 49 वर्षीय फ़रज़ाना बेगम की तरह, जो घर पर ही एक छोटी सी सिलाई की दुकान चलाती थीं और पड़ोसियों के लिए सिलाई करती थीं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के बारे में जानने और अपने स्थानीय खादी कार्यालय से सहायता प्राप्त करने के बाद, उन्होंने ₹3 लाख के लोन के लिए आवेदन किया। वह कहती हैं, “मेरे पास सेविंग्स बिलकुल नहीं थी, लेकिन मुझे अच्छी तरह पता था कि मुझे क्या चाहिए। सब्सिडी ने मुझे आत्मविश्वास और कैपिटल दोनों दिया।” आज, वह चार अन्य महिलाओं को रोज़गार दे रहीं हैं और अपने इलाके के तीन स्कूलों को यूनिफ़ॉर्म सप्लाई करती हैं।
तो, पहला कदम था यह जानना कि इनके बारे में जानकारी कहां और कैसे प्राप्त होगी। दूसरा कदम? इसके बारे में ज़्यादा से ज़्यादा प्रचार करना। इसलिए अगर आप किसी ऐसी महिला को जानते हैं जिसका अपना बिज़नेस खड़ा करने का सपना है, तो यह लिस्ट उसके साथ शेयर करें। हो सकता है कि उसे आपके इस हलके से धक्के की ज़रूरत हो।
अस्वीकरण: सभी सरकारी योजनाएं एक जैसी नहीं होतीं—और उनके बारे में सही जानकारी निकालना हमेशा आसान नहीं होता। लेकिन महिला उद्यमियों को ये योजनाओं पैसा, समर्थन और वैधता पेश करती हैं जो उनके लिए एक बेहद ज़रूरी शुरुआत होती हैं।




