हनीमून पर इन 11 महिलाओं के अनोखे अनुभव, जिन्होंने हनीमून का मज़ा सज़ा में बदल दिया
इस रोमांटिक ट्रिप का एक नॉन-सेक्सी पहलू भी हो सकता है
भारतीय शादियां, काफी हद तक, 90 के दशक की सूरज बड़जात्या की फिल्मों की तरह होती हैं – लंबी चलने वाली, ड्रामा से भरपूर और जहां तक नज़र जाती है केवल लोग ही लोग नज़र आते हैं। आप अचानक उन चाचीओं और बुआओं से घिर जाते हैं जिनसे आप पहले कभी नहीं मिले, जिन शैतान भतीजे -भतीजियों से आप अन्य फैमिली फंक्शन में बचते रहते थे, अब उन्हीं का मनोरंजन करना पड़ता है, और इस सबके बीच में आपकी नज़र सिर्फ उन दही के कबाब और आलू टिक्की पर टिकी रहती है जो मेहमानों को नसीब होते हैं लेकिन आपको नहीं। सजने-संवरने, अनगिनत पूजा-अर्चना करने, रिश्तेदारों की मेजबानी करने और हर समय मुस्कुराते रहने का यह अंतहीन सिलसिला अक्सर दूल्हा-दुल्हन को पूरी तरह से निचोड़ कर रख देता है। फिर हनीमून की बारी आती है, जब आखिरकार इस शोर-शराबे से छुट्टी मिलती है, तब जाकर नवविवाहित जोड़े रिलैक्स कर पाते हैं, और अरेंज्ड मैरिज वाले जोड़ों को अपने बीच की झिझक दूर करने का मौका मिलता है (यहां पढ़ें कि शादी के पहले साल में उतार-चढ़ाव से कैसे निपटें)।
शादियां भले ही स्वर्ग में तय की जाती होंगी, लेकिन हर हनीमून की अपनी एक अलग ही कहानी होती है। चाहे आपकी शादी अरेंज्ड हो या लव, आपके सपनों का वेकेशन, कभी-कभी कॉमेडी ऑफ एरर्स में भी बदल सकता है, जो ना सिर्फ आपके पूरे रोमांस पर पानी फेर जाता है, साथ ही आपको जीवन भर सुनाने के लिए एक विचित्र या मजेदार किस्सा दे जाता है। हनीमून पर घटे हादसे कभी चेतावनी देकर नहीं आते, वे बस घट जाते हैं। अपने ही हनीमून पर लुट जाना, एलेर्जिक रिएक्शन पकड़ लेना, या फिर अपने पार्टनर के एक नए स्वरुप से सामना होना, ट्वीक ट्राइब की 11 महिलाओं ने अपने हनीमून पर घटे हादसे हमारे साथ शेयर किए जो वे जीवन भर भुलाए नहीं भूल सकतीं।

11 महिलाओं ने अपने हनीमून पर घटे हादसे हमारे साथ शेयर किए
जब बारिश ने हमारी ट्रॉपिकल हैवेन की यात्रा को बर्बाद कर दिया
“हम जुलाई के अंत में मालदीव गए थे। बुकिंग करने के बाद, मुझे एहसास हुआ कि इस दौरान मॉनसून सीज़न चरम पर होता है। लेकिन रिज़ॉर्ट ने हमें आश्वासन दिया कि बारिश थोड़े समय के लिए होगी और ज़्यादातर धूप रहेगी, इसलिए हमने अपने निर्धारित प्लान पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। जब हम वहां पहुंचे तो सूर्यास्त का एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला और ऐसा लगा जैसे हम किसी ट्रॉपिकल हैवेन में प्रवेश कर गए हों। हमने अगले पांच दिनों के लिए बहुत सारी वाटर एक्टिविटी प्लान कर रखी थी, लेकिन अगले दिन, जैसे ही हम तैयार हुए, बारिश शुरू हो गई। हमें लगा कि यह एक-दो घंटे में बंद हो जाएगी, लेकिन यह सिलसिला तीन दिनों तक लगातार चलता रहा।
बीच में थोड़े समय के लिए सूखा दौर आया तो कुछ फोटोग्राफी करने का मौका मिला, लेकिन तीसरे दिन जब तक हम अपने वाटर विला में पहुंचे, भयावह लहरों और बढ़ते जल स्तर ने इस खूबसूरत जगह को इतना भयानक बना दिया, सारी वाटर राइड्स रद्द कर दी गई, और यहां तक कि पानी में पैर डुबोने पर भी रोक लगा दी गई। सीप्लेन से वापसी की राइड भी किसी रोमांचक एडवेंचर से कम नहीं थी। आख़िरकार, इतना पैसा खर्च करके, हमने पूरी ट्रिप एक बंद कमरे में बिताई, और यह प्रार्थना करते रहे कि यह छोटा सा द्वीप कहीं डूब न जाए।” -झलक त्रिवेदी
अपने पार्टनर को तो पास रखें ही लेकिन अपने पर्स को और भी ज़्यादा पास रखें
“हमारे हनीमून की शुरआत मैड्रिड से हुई थी, और पहले दिन मैंने हमारा सारा कैश और पासपोर्ट अपने बैकपैक में संभालकर रख लिए थे। हम तस्वीरें खींच कर रहे थे तभी मुझे आभास हुआ कि मुझे अपना बैग चेक करना चाहिए। अपने पर्स में से सारा कैश गायब देख कर मेरी हवाइयां उड़ गईं। शुक्र है, पासपोर्ट सहित हमारा बाकी सामान सही सलामत था। मुझे यकीन था कि यह कुछ क्षण पहले ही हुआ था, इसलिए हमने पागलों की तरह चारों ओर ढूंढा, आसपास के लोगों के हावभाव पढ़कर और बातचीत करके यह पता लगाने की कोशिश की कि ऐसा किसने किया होगा। आंसुओं में तर, हमें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि हमारे हनीमून की शुरुआत इतने ख़राब तरीके से हुई थी – पहला दिन, पहला साइटसीइंग स्पॉट, और हमारे साथ इतनी बड़ी चोट हो गई थी। आज भी जब हम इस बारे में सोचते हैं तो एक टीस सी महसूस होती है, लेकिन उस दिन के बाद से, हम हर चीज में अतिरिक्त सावधानी बरतने लगे थे।
-श्रुति आचरेकर*
लगेज के अलावा भी बैगेज हो सकता है
“हमारी एक अरेंज्ड मैरिज थी, और मैं इससे पहले कभी किसी रिलेशनशिप में नहीं थी, इसलिए जब मेरी शादी हुई, तो मेरे लिए सब कुछ नया था, यहां तक कि एक पार्टनर के साथ होने का अनुभव भी पहला था। हम अपने हनीमून पर गए, और मुझे पूरी उम्मीद थी कि इसके बाद हमारे बीच की झिझक और हिचकिचाहट कम होने लगेगी। लेकिन पहले ही दिन, मेरे पति ने खुद को हमारे कमरे में अकेला बंद कर लिया, और मुझे बाहर छोड़ दिया। मैं चिल्लाती रह गई, मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। मैं बुरी तरह घबरा गई और फिर मैंने मदद के लिए हम दोनों के परिवारों को फ़ोन लगाया।
तभी मुझे पता चला कि यह शादी उस पर जबरदस्ती थोपी गई थी। वह किसी और से प्यार करता था, लेकिन उसकी मां ने उस पर मुझसे शादी करने का दबाव डाला। इस खुलासे के बाद मैं पूरी तरह टूट गई। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है, और वो भी मेरे साथ। मेरा हनीमून, जो केवल कहने के लिए था, एक दिन भी नहीं चला। लेकिन जिंदगी आगे बढ़ने के लिए अपनी राह बना ही लेती है। आज, हम दोनों ने एक दूसरे के साथ समन्वय बिठा लिया है। समय के साथ, हम दोनों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया है और अब हम एक सभ्य हैप्पी कपल की तरह रहते हैं। यह वह किताबों वाला रोमांस नहीं है जिसका शायद मैंने कभी सपना देखा होगा, लेकिन हम इस रिश्ते को अच्छे से निभा रहे हैं। -बंसी पटेल*

सवाल यह है कि ड्रिंक करें या ना करें
“हमारी एक अरेंज्ड मैरिज थी, हम हनीमून के लिए फुकेत और बाली गए थे। शादी के बाद ही मुझे पता चला कि मेरे पति बिलकुल भी ड्रिंक नहीं करते हैं। हमारे हनीमून के दौरान, जब भी मैं ड्रिंक करती, वे हर बार मेरी आलोचना करने लगते। एक दिन, बहुत गर्मी थी और मैंने एक बियर आर्डर की, जो उस दिन की मेरी दूसरी बियर थी। तभी उन्होंने कहा, “वाह! क्या यह कुछ ज़्यादा नहीं हो रहा है? तुम्हें हर समय पीने की लगी रहती है!” मुझे समझ ही नहीं आया कि मैं कैसे रिएक्ट करूं, मैं सकते में आ गई और शांति से अपना ड्रिंक भी खत्म नहीं कर पाई। मैंने कई अच्छे रिश्तों को ठुकराकर, इस लड़के के साथ शादी करने का फैसला किया था लेकिन अब मुझे अपनी पसंद पर निराशा महसूस होने लगी थी। इनके ऐसे बर्ताव के कारण, मुझे कई बार अपने लाइफ स्टाइल के साथ समझौता करना पड़ा।” – सिमरन रेड्डी*
जब रूटीन बेडटाइम आपके बेडटाइम इंटिमेसी में रुकावट बनने लगे
“हम अपने हनीमून के लिए नॉर्थ-ईस्ट इंडिया गए थे। हमने एक-दूसरे के अलावा बाकी हर चीज़ को एक्स्प्लोर किया। हम वास्तव में बहुत थक जाते थे और मेरे पति को रात में 10 बजे तक सो जाने की आदत थी तो वह हर दिन अपने टाइम पर सो जाते थे, इसलिए हमें अपने हनीमून पर सेक्स करने का मौका ही नहीं मिला। इस कारण मैं बेहद नाखुश महसूस करती थी। मैं एक रोमांटिक इंसान हूं और मैं हनीमून पर अपने पति के साथ कुछ इंटिमेट टाइम बिताना चाहती थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।’
-मनीषा शर्मा*
जंक फ़ूड मुझे रास नहीं आया
“2019 में, हमने अपने हनीमून के लिए मैसूर-ऊटी जाने का प्लान किया। अरेंज्ड मैरिज में सरप्राइज़ की कोई कमी नहीं होती, और उनमें से एक यह था कि नए वातावरण में हमारी बॉडी कैसे रिएक्ट करेगी। मुझे जंक फूड पहले भी कभी कुछ ख़ास रास नहीं आता था, और इस ट्रिप के तीसरे दिन तक तो मेरे पेट ने जवाब दे दिया। मुझे गंभीर गैस्ट्रिक इन्फेक्शन हो गया।
उस शाम, जब हम सबकुछ भूल कर डांस करने में लगे हुए थे, अचानक मेरे पेट में उठे तेज़ दर्द ने मेरी जान निकाल दी। तकलीफ असहनीय थी, और मेरे पति, चिंता के मारे, मुझे लगभग रात के 1 बजे अस्पताल ले कर भागे। आखिरकार, कुछ दवाएं और इंजेक्शन लेने के बाद, मुझमें फिर से जान आई। शुक्र है, हम अगले दिन ऊटी जा पाए और वहां की हसीन वादियों का आनंद उठा पाए। इस बात को पांच साल से अधिक समय हो गया है, और हम आज भी अपनी
बेपरवाही पर हंसते हैं, जो हमारी अरेंज्ड मैरिज के पैकेज के एक रूप में सामने आई।”
-अल्पना

क्वारंटाइन ने जुदा कर दिया
“हम अपने हनीमून के लिए दुबई गए, यह मेरी पहली इंटरनेशनल ट्रिप थी इसलिए मैं उत्साहित होने के साथ-साथ बहुत घबराई हुई भी थी। यह 2021 की बात है, जब COVID का खतरा पूरी तरह से टला नहीं था। यहां से जाते समय हमारी COVID रिपोर्ट नेगेटिव थी, लेकिन जब हम दुबई पहुंचे, तो हमारा फिर से COVID टेस्ट किया गया। और इस बार मेरे पति का टेस्ट पॉज़िटिव आया और मेरा नेगेटिव आया। हमें अलग-अलग कमरों में, अलग-अलग होटलों में क्वारंटाइन कर दिया गया। अपने परिवार से दूर, अकेले विदेश में रहना बहुत अजीब लग रहा था। मैं बहुत घबरा रही थी, लेकिन सौभाग्य से, दुबई में रहने वाली मेरी एक दोस्त ने उस दौरान मेरी बहुत मदद की। जब तक मेरे पति क्वारंटाइन में थे, उसने मेरे खाने पीने का पूरा ध्यान रखा, और हर तरह से मुझे सपोर्ट किया। कुछ दिनों के बाद, आखिरकार मेरे पति का टेस्ट रिज़ल्ट नेगेटिव आया, और हम फिर से एकसाथ हो पाए और हमें दुबई में कुछ समय बिताने का मौका मिला। लेकिन यह किसी भी रूप में एक आदर्श हनीमून नहीं था। -गार्गी अग्रवाल*
जब फिल्मों में ज़्यादा दिलचस्पी हो
“असल हनीमून से पहले हम एक मिनी हनीमून पर महाबलेश्वर गए और वहां मेरे पति को बुखार आ गया। कुछ समय पहले ही, उन्होंने बड़ी बेपरवाही से मुझसे कहा था, ‘सिर्फ इसलिए कि हर कोई सोचता है कि हमें सेक्स करना चाहिए, इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसा करना जरूरी है।’ मैं अपने हनीमून को लेकर इतनी उत्साहित थी, लेकिन उस एक टिप्पणी ने मेरे पूरे उत्साह पर पानी फेर दिया। फिर जब हम अपने असल हनीमून के लिए हिमाचल प्रदेश जाने वाले थे, उन्होंने अपने चचेरे भाइयों को फोन करके वहां की ख़ूबसूरती का खूब बखान किया और उन लोगों को भी हमारे साथ घूमने चलने का न्योता दे दिया। वहां भी उनकी दिलचस्पी पूरे समय केवल टीवी पर फिल्में देखने में थी, सेक्स में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं थी। यह बिलकुल भी रोमांटिक नहीं था और जैसा मैंने सोचा था वैसा तो बिल्कुल भी नहीं था।” -केतकी चव्हाण*
जब खाने के परे कुछ दिखाई ही ना दे
“हमारी लव मैरिज थी। मैं दिल्ली की पंजाबी हूं और मेरे पति एक मुंबईकर गुजराती जैन हैं। जब हमने अपने हनीमून के लिए न्यूज़ीलैंड की ट्रिप प्लान की, तो मैंने ख़्वाब बुनने शुरू कर दिए कि हम वहां की सड़कों पर टहल रहे हैं, नए क्यूसिन आज़मा रहे हैं और जो मर्जी वो खा रहे हैं। लेकिन जब समय आया, तो मैं घंटों तक अपने होटल के कमरे में बैठी रहती थी, और मेरे पति वहां नॉन-इंडियन रेस्टोरेंटो में वेजीटेरियन ऑप्शन ढूंढते रहते थे। यह निश्चित रूप से वह एडवेंचर नहीं था जिसकी मैंने कल्पना की थी।” -तारा मल्होत्रा*

मेकअप का उल्टा असर
“शादी से कुछ महीने पहले, मैंने एक फेमस मेकअप आर्टिस्ट के साथ बेहतरीन प्रोडक्ट्स का उपयोग करके मेकअप ट्रायल किया था, और तब सब कुछ सही लगा। शादी की रात उसने मुझे बिलकुल उसी तरह तैयार किया और मैं बहुत सुन्दर लग रही थी—लोग प्रशंसा करते नहीं थक रहे थे। लेकिन क्योंकि शादी का स्ट्रेस था और मेरी स्किन को हैवी मेकअप की आदत नहीं थी, तो चीजों ने एक अजीब मोड़ ले लिया। शादी के अगले दिन, एक खूबसूरत हनीमून के सपने के साथ हमने फिलीपींस के लिए अपनी उड़ान भरी। फ्लाइट में, मेरे पूरे चेहरे और हाथों पर खुजली होने लगी। बैंकॉक में ट्रांज़िट के दौरान, मैंने भर-भर के एलो जेल लगाया लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हुआ।
जब तक हम बोराके के खूबसूरत द्वीप पर उतरे और हमने मेरे पति द्वारा बुक किए गए भव्य सुइट में चेक-इन किया, मेरी हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि मुझे अपनी भाभी (जो डॉक्टर हैं) को कॉल करना पड़ा। उन्होंने एंटीहिस्टेमाइंस दी, और मैंने अपने हनीमून के पहले दो दिन एलर्जी की दवा के नशे में पूरी तरह से सोते हुए बिताए।’ — चहक बंदोपाध्याय*
भूत और डायरिया दोनों का प्रकोप
“हम अपने हनीमून के लिए गोवा गए थे, और हमने प्लान किया था कि हम आधा समय नार्थ और बाकी समय साउथ गोवा में रहेंगे। लेकिन शादी के स्ट्रेस और लगातार बाहर खाने की वजह से मुझे डायरिया हो गया, जिससे ना तो साईट-सीइंग का मौका मिला और ना ही इंटिमेसी बढ़ाने का।
जब मुझे थोड़ा बेहतर लगने लगा, तो हम अपने नार्थ गोवा होटल की तरफ निकले जो बिलकुल समुद्री बीच पर था। रास्ते में, हमारे कैब ड्राइवर ने बातों-बातों में बताया कि हमारे होटल के बगल में ही एक कब्रिस्तान है। सुनते ही एक बार को तो मेरे होश उड़ गए लेकिन हमने इसे नजरअंदाज कर दिया। उस रात, जब हम बीच पर टहलने गए तो हमें ऐसा लगा जैसे अजीब आवाज़ें आ रही हैं, इसलिए हम जल्दी से होटल लौट आए। यहां तक कि अपने कमरे में भी हमें बेचैनी महसूस हो रही थी, जैसे-तैसे किसी तरह हमने रात काटी। और तो और, मैंने अपना फ़ोन भी एक बोट कैसीनो में छोड़ दिया। तो सुबह 2:45 बजे, इसे लाने के लिए हमें अपनी किराए की स्कूटी से वापस जाना पड़ा। कब्रिस्तान की कहानी सुनकर मैं पहले से ही इतनी घबराई हुई थी, कि हर आवाज़ या आहट – फिर भले ही वह सिर्फ जानवर की क्यों ना हो – मुझे भयभीत कर रही थी। ट्रिप के अंत तक, हम केवल एक बार इंटिमेट हो पाए। वाह! क्या हनीमून था।” -करिश्मा अरोड़ा*
*अनुरोध पर नाम बदल दिए गए हैं




